
पर्यटन सीजन के बीच पहाड़ों की रानी मसूरी की बुनियादी समस्याओं को दूर करने और शहर के सौंदर्यीकरण को लेकर शासन-प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मसूरी के विधायक और उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज शहर की तमाम ज्वलंत समस्याओं को लेकर एक हाई-लेवल बैठक की। इस महत्वपूर्ण बैठक में लोक निर्माण विभाग (PWD), राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), परिवहन विभाग (RTO), जल संस्थान, जल निगम, विद्युत विभाग और मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) के आला अधिकारी मौजूद रहे। इसके साथ ही जनता और पर्यटन व्यवसाय से सीधे जुड़े मसूरी होटल एसोसिएशन, टैक्सी एसोसिएशन, व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों, नगर पालिका अध्यक्ष और सभासदों ने भी बैठक में हिस्सा लेकर अपनी बातें रखीं।
“30 साल तक पानी की कमी न होने का दावा था, फिर जनता परेशान क्यों?”
बैठक में सबसे बड़ा और संवेदनशील मुद्दा मसूरी में चल रही पानी की भारी किल्लत का रहा। पर्यटन सीजन चरम पर होने के बावजूद शहर के कई हिस्सों में पानी का संकट बना हुआ है, जिसे लेकर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
मंत्री जोशी ने अधिकारियों को याद दिलाते हुए कहा कि शहर की प्यास बुझाने के लिए ₹144 करोड़ की लागत से यमुना-मसूरी पेयजल पंपिंग योजना का निर्माण किया गया है। दावा यह था कि अगले 30 सालों तक मसूरी में पानी की कोई कमी नहीं होगी, लेकिन विभागों के आपसी तालमेल (कोऑर्डिनेशन) की कमी की वजह से आज भी स्थानीय लोगों और पर्यटकों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। मंत्री ने जल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अब हर हफ्ते नगर पालिका अध्यक्ष और स्थानीय सभासदों के साथ बैठक करेंगे। इस साप्ताहिक बैठक का मकसद जमीन पर आ रही दिक्कतों को समझना और उनका तुरंत समाधान निकालना होगा।
विकास की बड़ी सौगात: ईको पार्क और किमाड़ी मार्ग का शिलान्यास
मसूरी के पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए मंत्री गणेश जोशी ने दो बड़ी परियोजनाओं की जानकारी दी:₹32 करोड़ की लागत से ईको पार्क: मसूरी में जल्द ही ₹32 करोड़ की लागत से एक आधुनिक ईको पार्क का निर्माण किया जाएगा। यह पार्क न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देगा, बल्कि पर्यटकों के लिए एक नया और खूबसूरत डेस्टिनेशन भी बनेगा। (नोट: एंकर और स्लग में लागत ₹32 करोड़ है, जिसे प्राथमिकता दी गई है)।
₹14 करोड़ से किमाड़ी-मसूरी मार्ग का कायाकल्प: देहरादून से मसूरी आने वाले पर्यटकों के लिए किमाड़ी मार्ग एक बेहतरीन विकल्प है। इसके निर्माण कार्य का शिलान्यास कर दिया गया है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 18 महीने का समय तय किया गया है, लेकिन लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि सड़क का काम दोनों छोर (दोनों तरफ) से एक साथ शुरू किया जाए, ताकि यह तय समय से पहले पूरा हो सके और लोगों को जाम से राहत मिले।
मंत्री ने यह भी घोषणा की कि वे जल्द ही जनता के बीच अपना ‘रिपोर्ट कार्ड’ पेश करेंगे, जिसमें मसूरी के विकास के लिए किए गए सभी कामों का पूरा ब्यौरा होगा।
बैठक में मौजूद संभागीय परिवहन अधिकारी (RTO) डॉ. अनीता चंदोला ने मसूरी की ट्रैफिक व्यवस्था और रेंटल स्कूटियों को लेकर बड़ा अपडेट दिया। उन्होंने कहा कि शहर में बिना वैध परमिशन या नियमों को ताक पर रखकर चल रही रेंटल स्कूटियों की लगातार शिकायतें मिल रही हैं।
RTO के दो बड़े कदम:
अवैध स्कूटियों के खिलाफ अभियान: जल्द ही मसूरी में एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूटी संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ई-ऑटो का ट्रायल: मसूरी की तंग सड़कों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से निजात पाने के लिए परिवहन विभाग और नगर पालिका मिलकर जल्द ही ई-ऑटो (E-Auto) के संचालन की संभावनाओं को तलाशेंगे। पहाड़ों के लिहाज से ई-ऑटो को सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल माना जा रहा है। इसके आने से प्रदूषण भी कम होगा और स्थानीय स्तर पर यातायात सुगम हो जाएगा।
इस बैठक के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि विभागों के आपसी तालमेल से मसूरी की पानी और जाम जैसी मूलभूत समस्याओं का समाधान जल्द ही धरातल पर नजर आएगा।



